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UPI पेमेंट पर चार्ज की बहस तेज, विशेषज्ञों ने बताया किसे उठाना पड़ सकता है खर्च

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नई दिल्ली, एजेंसी। एकीकृत भुगतान प्रणाली (UPI) लेनदेन पर व्यापारी छूट दर (एमडीआर) लागू करने को लेकर जारी बहस इस बात पर केंद्रित होनी चाहिए कि आखिरकार इसका वित्तीय बोझ कौन उठाएगा, न कि इस बात पर कि भुगतान कंपनियों को टिकाऊ आय मॉडल की आवश्यकता है या नहीं। उद्योग विशेषज्ञों ने यह राय व्यक्त की है। यूपीआई भुगतान पर एमडीआर वह शुल्क है जो डिजिटल लेनदेन की प्रक्रिया के लिए व्यापारियों (मर्चेंट्स) से लिया जाता है। इसके बैंकों या भुगतान मंचों द्वारा पूरी तरह वहन किए जाने की संभावना बहुत कम है। इसके बजाय, यह व्यवसायों के लिए एक अतिरिक्त परिचालन लागत बन जाएगा, जिससे उनके मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है, निवेश सीमित हो सकता है और उपभोक्ताओं को छूट देने की उनकी क्षमता कम हो सकती है।

इन पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि व्यापारी शुरू में इस अतिरिक्त लागत को खुद वहन कर सकते हैं लेकिन आगे चलकर इसके कारण ग्राहकों को मिलने वाली पेशकश और छूट में कमी आ सकती है या वस्तुओं व सेवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। यह स्थिति व्यापार करने की लागत को कम करने और खपत को बढ़ावा देने के व्यापक नीतिगत प्रयासों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि इसका सबसे गहरा असर छोटे व्यापारियों, किराना दुकानों और उन अन्य व्यवसायों पर पड़ने की आशंका है जिन्होंने हाल के वर्षों में डिजिटल भुगतान को अपनाया है।

डिजिटल पेमेंट की रफ्तार हो सकता है धीमी

एमडीआर की मामूली दर भी कम मूल्य वाले लेनदेन के लिए यूपीआई की स्वीकार्यता को हतोत्साहित कर सकती है, जिससे डिजिटल भुगतान अपनाने की रफ्तार धीमी हो सकती है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों द्वारा डिजिटल भुगतान स्वीकार न करने या कम करने का असर व्यापक डिजिटल वाणिज्य परिवेश पर भी पड़ेगा। जो उपभोक्ता बिना किसी शुल्क और रुकावट के यूपीआई भुगतान के आदी हो चुके हैं, यदि व्यापारी यूपीआई लेनदेन को हतोत्साहित करने लगेंगे या बढ़ी हुई लागत का बोझ उन पर डालने लगेंगे, तो ग्राहकों के लिए भी डिजिटल भुगतान का उपयोग करने का प्रोत्साहन कम हो जाएगा। 

विशेषज्ञों के अनुसार, यह चर्चा केवल भुगतान के अर्थशास्त्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रूप में यूपीआई की भूमिका से जुड़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि बैंकों, भुगतान कंपनियों और अन्य हितधारकों के पास भुगतान परिवेश में निवेश जारी रखने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन हो, लेकिन इसके लिए व्यापार करने की लागत नहीं बढ़नी चाहिए, न ही उपभोक्ता मांग कमजोर होनी चाहिए और न ही डिजिटल अपनाने की गति धीमी होनी चाहिए।  

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शाह बोले-सोनिया जी आपके पाप को जनता माफ नहीं करेगी:वंदे मातरम कैसे रोका, हम सबने देखा, शर्म बची है तो देश से माफी मांगें

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निंबाहेड़ा (चित्तौड़गढ़), एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राजस्थान के निंबाहेड़ा में कहा कि वोट बैंक के लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया था। वंदे मातरम के 150वें साल पर पीएम मोदी ने लाल किले से वंदे मातरम को सम्मान वापस दिलाने का काम किया है।

शाह ने कहा- कांग्रेस की निर्लज्जता देखिए…

कांग्रेस पार्टी मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। बीच में ही कांग्रेस की नेत्री सोनिया जी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने को कहा। यह गान फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया जी को रास नहीं आता।

गृह मंत्री ने कहा कि सोनिया जी 140 करोड़ की जनता आपको देख रही है। आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कांग्रेसियों में जरा भी शर्म बची है तो हाथ जोड़कर बंकिम बाबू की अमर आत्मा और जनता से माफी मांगनी चाहिए।

राजस्थान दौरे पर आए अमित शाह ने निंबाहेड़ा में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने चित्तौड़गढ़ समेत 15 जिलों के 5659 करोड़ के 944 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

शाह ने निंबाहेड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी समेत कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा।

शाह ने निंबाहेड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी समेत कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय की 15 अगस्त तस्वीर

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम गाया जा रहा था, तभी सोनिया गांधी पीछे मुड़कर इशारा करती दिखीं। राहुल गांधी ने भी इशारे में कुछ पूछा। इसी को लेकर अमित शाह ने कमेंट किया है।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम गाया जा रहा था, तभी सोनिया गांधी पीछे मुड़कर इशारा करती दिखीं। राहुल गांधी ने भी इशारे में कुछ पूछा। इसी को लेकर अमित शाह ने कमेंट किया है।

वाजपेयी की अष्टधातु की की प्रतिमा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निंबाहेड़ा में 21 फीट ऊंची अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निंबाहेड़ा में 21 फीट ऊंची अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया।

शाह अलवर में युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र

अमित शाह अब अलवर के विजयनगर ग्राउंड पहुंचेंगे। यहां वे 6262 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। 10 हजार 580 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी सौंपे जाएंगे।

दौरे से पहले कांग्रेस नेता को हिरासत में

अलवर में अमित शाह के दौरे को लेकर खैरथल-तिजारा कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें रात भर होटल में नजरबंद किया गया।

अलवर में शाह की सभा स्थल की ओर जा रहे कांग्रेस नेता दीनबंधु शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दीनबंधु शर्मा ने काले गुब्बारे आसमान में उड़ाने की कोशिश की थी।

अमित शाह ने निंबाहेड़ा में चित्तौड़गढ़ समेत 15 जिलों के 5659 करोड़ के 944 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

अमित शाह ने निंबाहेड़ा में चित्तौड़गढ़ समेत 15 जिलों के 5659 करोड़ के 944 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

जनसभा के मंच पर सीएम भजनलाल ने साफा पहनाकर अमित शाह का स्वागत किया।

जनसभा के मंच पर सीएम भजनलाल ने साफा पहनाकर अमित शाह का स्वागत किया।

बीजेपी नेताओं ने अमित शाह को सांवलिया सेठ की तस्वीर भेंट की।

बीजेपी नेताओं ने अमित शाह को सांवलिया सेठ की तस्वीर भेंट की।

अमित शाह ने वाजपेयी की प्रतिमा के चरणों में पुष्प भी अर्पित किए।

अमित शाह ने वाजपेयी की प्रतिमा के चरणों में पुष्प भी अर्पित किए।

निंबाहेड़ा में अमित शाह को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

निंबाहेड़ा में अमित शाह को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

अलवर में अमित शाह की सभा स्थल की ओर जा रहे कांग्रेस नेता दिनबंधु शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान उन्होंने काले गुब्बारे उड़ाने की कोशिश की।

अलवर में अमित शाह की सभा स्थल की ओर जा रहे कांग्रेस नेता दिनबंधु शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान उन्होंने काले गुब्बारे उड़ाने की कोशिश की।

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बंगाल- पूर्व डिप्टी स्पीकर ने TMC ऑफिस में फांसी लगाई:सुसाइड नोट में लिखा- भ्रष्टाचार नहीं किया, मुझे बदनाम करने की कोशिश

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कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार सुबह बीरभूम जिले के टीएमसी ऑफिस में उनका शव फांसी के फंदे से लटका मिला।

आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 के हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके घर के पास ही तृणमूल कांग्रेस का पार्टी ऑफिस था।

पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त की सुबह कार्यालय से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा कि उन्होंने भ्रष्टाचार नहीं किया, उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।

आशीष बनर्जी टीएमसी के पूर्व विधायक भी थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

यह विजुअल बीरभूम टीएमसी ऑफिस का है, जहां आशीष बनर्जी ने पंखे से फांसी का फंदा बनाकर सुसाइड किया।

यह विजुअल बीरभूम टीएमसी ऑफिस का है, जहां आशीष बनर्जी ने पंखे से फांसी का फंदा बनाकर सुसाइड किया।

सुसाइड नोट में रेत टेंडर का जिक्र, लिखा- कोई पैसे नहीं लिए

आशीष का जो सुसाइड नोट सामने आया है उसमें उन्होंने किसी रेत के टेंडर का जिक्र किया है। आशीष ने लिखा कि उन्होंने कभी भ्रष्टाचार नहीं किया और किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए। TRDA (तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी) के टेंडर, प्लान पास करने, NOC और चेक से जुड़े मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

आशीष ने लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है और उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस जताया।

सोशल मीडिया पर आशीष बनर्जी का बंगाली भाषा में लिखा ये सुसाइड लेटर सामने आया है।

सोशल मीडिया पर आशीष बनर्जी का बंगाली भाषा में लिखा ये सुसाइड लेटर सामने आया है।

भाजपा बोली- TMC में सभी लोग खराबब नहीं, अभिषेक का भाजपा पर अरोप

  • बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा- ‘यह आत्महत्या है या हत्या, इसकी जांच पुलिस करेगी। मैं आज भी कहूंगी कि तृणमूल कांग्रेस में सभी लोग खराब नहीं हैं। शायद 0.00001% अच्छे लोग अब भी वहां हैं, जो बोल नहीं सके और विरोध नहीं कर सके।
  • TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा- जीवनभर शिक्षक और जनसेवक रहे आशीष दा ने ईमानदारी, सम्मान और सादगी के साथ लोगों की सेवा की। वे रामपुरहाट और पूरे बीरभूम के सम्मानित लोगों में थे। उनके अंतिम नोट में लंबे समय से चले कथित बदनाम करने के अभियान को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

आशीष ने एक दिन पहले घर के पास तिरंगा फिहराया था

आशीष बनर्जी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को बीरभूम में घर के पास तिरंगा फहराया था। इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर शेयर की थीं।

आशीष बनर्जी के भाई प्रशांत बनर्जी ने कहा- दरवाजे में थोड़ी जगह थी और वहां से रस्सी लटकी दिखाई दी। इससे हमें शक हुआ। इसके बाद परिवार के सभी लोगों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई।

हम रोज मिलते थे। रात तक भी कुछ असामान्य नहीं लगा था। वे दिनभर ऑफिस में थे। झंडा फहराया गया था और सब कुछ सामान्य था।

ममता सरकार में मंत्री और डिप्टी स्पीकर रहे आशीष बनर्जी

आशीष बनर्जी ममता बनर्जी के करीबी और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार बनने के बाद वे कई विभागों के मंत्री रहे। वे स्कूल शिक्षा और कृषि मंत्री भी रह चुके थे।

आशीष 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में रामपुरहाट सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए। पिछली ममता सरकार में वे विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे।

हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार गए।

2026 विधानसभा चुनाव के दौरान आशीष बनर्जी ने टीएमसी उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी के लिए कैंपेन किया था। तस्वीर इस साल अप्रैल की चुनाव प्रचार के दौरान की है।

2026 विधानसभा चुनाव के दौरान आशीष बनर्जी ने टीएमसी उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी के लिए कैंपेन किया था। तस्वीर इस साल अप्रैल की चुनाव प्रचार के दौरान की है।

2 जून को जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था

आशीष बनर्जी ने 2 जून को TMC के बीरभूम जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने कहा था कि कोर कमेटी निष्क्रिय हो गई थी और उसके काम करने की जरूरत नहीं रह गई थी। आशीष बनर्जी ने कहा था कि अब वे पार्टी के सिर्फ सामान्य सदस्य रहेंगे।

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लखनऊ- घरों में 3 घंटे में 2 फीट पानी भरा:चित्रकूट में यूपी-MP को जोड़ने वाला पुल डूबा, उत्तराखंड में पहाड़ खिसका, सड़क बंद

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लखनऊ, एजेंसी। यूपी में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लखनऊ में तीन घंटे हुई बारिश के बाद सड़कों पर दो फीट तक पानी भर गया। कई इलाकों की गलियां तालाब बन गई हैं।

उधर, गंगा, यमुना और शारदा समेत 11 नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इससे यूपी-एमपी को जोड़ने वाला पुल डूब गया है। पानी कॉलोनियों और घरों तक पहुंच गया है।

उत्तराखंड के चमोली में शनिवार देर रात से हो रही भारी बारिश के कारण बाजपुर के पास पहाड़ का एक हिस्सा खिसक गया। जिससे बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया।

हिमाचल में 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार शाम 5 बजे तक राज्य में 103 सड़कें बंद थीं।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें…

उत्तर प्रदेश के मथुरा में बारिश के बाद अंडरपास में पानी भर गया।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में बारिश के बाद अंडरपास में पानी भर गया।

ओडिशा के जाजपुर में दशरथपुर ब्लॉक में कानी नदी का लेवल बढ़ गया। यहां घुटनों तक पानी भर गया है।

ओडिशा के जाजपुर में दशरथपुर ब्लॉक में कानी नदी का लेवल बढ़ गया। यहां घुटनों तक पानी भर गया है।

दशरथपुर ब्लॉक में अचानक आई बाढ़ के कारण बैतरणी नदी की सहायक कानी नदी पर बन रहा एक पुल बह गया।

दशरथपुर ब्लॉक में अचानक आई बाढ़ के कारण बैतरणी नदी की सहायक कानी नदी पर बन रहा एक पुल बह गया।

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