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कोरबा

डिजिटल कोरबा की ओर बढ़ता हर कदम – तकनीक से जुड़ता हर नागरिक

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ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से बढ़ी जनसुविधाएं
कोरबा। आज डिजिटल क्रांति की लहर न केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज़ी से अपना प्रभाव जमा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व एवं सुशासन सरकार की दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप जिले के ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों का शुभारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं का लाभ उनके अपने गांव में ही मिलने लगा है। पहले ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी एवं बैंकिंग सेवाओं के लिए शहरों और तहसीलों तक दूर-दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। वहीं, कई बार लंबी दूरी और अनजान प्रक्रियाओं के कारण जरूरी कार्य भी अधूरा रह जाता था। अब अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण अपनी मूलभूत जरूरतों जैसे पीएम किसान योजना की पंजीकरण, एईपीएस ट्रांजैक्शन, फार्मर आईडी बनवाना, आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाना व त्रुटि सुधार जैसे कार्य आसानी से अपने गांव में ही कर पा रहे हैं।


राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में इन सुविधा केंद्रों के संचालन से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। इन केंद्रों के माध्यम से न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच रहा है, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी गांव-गांव में बढ़ रही है। इससे ग्रामीण समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कोरबा जिले के बेला ग्राम की वृद्धा घसनीन बाई का अनुभव इस बदलाव की सजीव मिसाल है। पहले उन्हें बैंक जाकर पैसे जमा या निकालने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों व्यर्थ होता था। अब घर के पास ही मंगल भवन में खुला डिजिटल सुविधा केंद्र उनकी मदद करता है। वह कहती हैं, “पहले बैंक जाने में जो समय और खर्चा लगता था, वह अब बच गया है। यहां काम सरल और सुविधाजनक है, और मुझे किसी को अतिरिक्त पैसे देने की भी जरूरत नहीं पड़ती।”

इस पहल से ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ सहजता से मिल पा रहा है, जो उनकी जीवनशैली में सुधार ला रहा है। साथ ही, युवा वर्ग भी डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूक होकर नवाचार और तकनीक से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। यह डिजिटल समावेशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व के तहत यह पहल देश के विकास की दिशा में एक अहम कड़ी साबित हो रही है। डिजिटल इंडिया के आदर्श को साकार करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाना और जनता को बेहतर सेवा देना सरकार की प्राथमिकता है।

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कोरबा

बालको ने चलाया जन स्वास्थ्य अभियान, टीबी मुक्त चुहिया पंचायत को मिला सम्मान

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बालकोनगर, 15 अक्टूबर 2026। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मरीजों की देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। यह सम्मान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय टीबी जागरूकता एवं सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई, जब कोरबा जिले की चुहिया ग्राम पंचायत में पिछले एक वर्ष के दौरान टीबी का कोई मामला सामने नहीं आया।

बालको, कोरबा जिले के 40 से अधिक गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच को प्रोत्साहित करने और उपचार के दौरान मरीजों को सहयोग देने के लिए लगातार काम कर रहा है। इस उपलब्धि के लिए चुहिया ग्राम पंचायत को महात्मा गांधी कांस्य स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एस.एन. केशरी ने प्रदान किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे।

जन स्वास्थ्य में सामूहिक प्रयासों पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा, “भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश की प्रगति में जन स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसके लिए समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। बालको में हमारा मानना है कि उद्योग जगत आर्थिक विकास के साथ-साथ समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और आपसी सहयोग के माध्यम से हम टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने और एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस अवसर पर कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने स्वास्थ्य सेवाओं में बालको के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा, “टीबी की रोकथाम और मरीजों की देखभाल के लिए बालको जमीनी स्तर पर एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। कंपनी द्वारा जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और मरीजों को उपचार के दौरान सहायता देने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में चुहिया ग्राम पंचायत में टीबी का कोई मामला सामने नहीं आना इन सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। इस तरह का सहयोग टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को मजबूत बनाने और समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

इससे लाभान्वित एक मरीज ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मुझे एक साल से अधिक समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी थी। स्थानीय स्तर पर इलाज से कुछ समय के लिए राहत मिलती थी, लेकिन मेरी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। टीबी की पुष्टि होने के बाद बालको से मिले पोषण संबंधी सहयोग ने मुझे दोबारा स्वस्थ होने में मदद की। मेरा वजन 49 किलोग्राम से बढ़कर 53 किलोग्राम हो गया। धीरे-धीरे लक्षण भी खत्म हो गए और अब मेरी टीबी की जांच रिपोर्ट निगेटिव है। आज मैं अपने गांव में लोगों को समय पर जांच और इलाज कराने के लिए प्रेरित करता हूं तथा टीबी के प्रति जागरूकता फैलाता हूं।”

बालको की स्वास्थ्य पहल प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत टीबी जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक लगभग 27,000 लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इसके अलावा, भारत सरकार की निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत कंपनी ने लगभग 110 टीबी मरीजों को पोषण सहायता, परामर्श और उपचार के दौरान सहयोग प्रदान किया है। यह सहायता केवल पोषण तक सीमित नहीं है। मरीजों से नियमित संपर्क, परामर्श और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि वे अपना उपचार जारी रख सकें और जरूरत के समय आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकें।

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कोरबा

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए विद्यार्थी, सरस्वती शिशु मंदिर दर्री में विशेष कार्यक्रम आयोजित

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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर कक्षा नवमी से द्वादश तक के विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और भावनात्मक स्वास्थ्य का महत्व बताया

कोरबा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 14 अक्टूबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री, कोरबा में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराना तथा उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना था।

यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एस.एन. केशरी, नोडल अधिकारी डॉ. अशोक शाक्य एवं डीपीएम पद्माकर शिंदे के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ताराचंद श्रीवास एवं तृप्ति ब्रह्माणी ने कक्षा नवमी से द्वादश तक के विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य का महत्व समझाते हुए जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, मानसिक रूप से स्वस्थ रहने तथा अपनी भावनाओं को समझने के प्रति जागरूक किया। साथ ही बताया कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना आवश्यक है और जरूरत पड़ने पर उचित मार्गदर्शन लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने अतिथियों तथा कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल रहा।

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कोरबा

नवरात्रि का चतुर्थ दिन: माँ कुसमाण्डा देवी स्वरूपा श्री सर्वमंगला देवी की की गई पूजा अर्चनाशत्रुनाश के लिए मांगा श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद

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कोरबा। आश्विन शुक्ल चतुर्थी शारदीय नवरात्रि के चतुर्थ दिन कोरबा की आराध्य देवी माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना माँ कुसमाण्डा देवी के रूप में की गई। सुबह से रात्रि 08.30 बजे तक लोगों की कतार मंदिर परिसर में देखी गई। भक्तों ने माँ सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना कर शत्रुनाश के लिए प्रार्थना की और आशीर्वाद मांगा।

मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ कुसमाण्डा की महिमा अपरंपार है। सौम्य, अतिप्रिय माँ कुसमाण्डा देवी की पूजा अर्चना से मन में व्याप्त शत्रुओं का शमन होता है और मन में सद्बुद्धि और सद्विचार बढ़ता है। शरीर में शत्रु रूप में विद्यमान आलस्य, कलुषिता, विद्वेष, अहंकार, दम्भ जैसे शारीरिक और मानसिक शत्रु का शमन होता है और जीवन आनंदित होता है।
ज्योति कलशों की दिव्यता से मन में पवित्रता का जागरण

मंदिर परिसर में स्थापित ज्योति कलशों की लौ की दिव्यता से मन में पवित्रता का जागरण होता है। ज्योतिपूंज का दर्शन करने मात्र से तामसिक प्रवृत्ति का नाश होता है और सात्विक प्रवृत्ति का पुनर्जागरण होता है। असतो मा सद्गमय की पवित्र मनोकामना को लेकर ज्योति कलशों का दर्शन श्रद्धालु कर रहे हैं। ज्योति कलशों की दिव्यता से परिसर भी दिव्य हो चला है।
माँ के दरबार में लगा मेला

वैसे तो माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा साल के 365 दिन आबाद और समृद्ध रहता है, लेकिन 09 दिन तक नवरात्रि में यहां का मेला लोगों को भाता है। आध्यात्मिक और धर्म में काम आने वाली सभी वस्तुएं यहां उपलब्ध रहती हैं और दर्शनार्थी यहां आकर धार्मिक चीजों की खरीदी करते हैं।
कल माँ स्कंदमाता स्वरूपा की होगी पूजा, पंचमी में रहेगी अभूतपूर्व भीड़

नवरात्रि में पंचमी को भी अभूतपूर्व भीड़ रहती है। पंचमी को माँ स्कंदमाता स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना होगी और भक्तगण माँ का दर्शन करने के साथ उनके प्रिय भोग केला एवं अन्य फलों को अर्पित करेंगे।
नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ स्कंदमाता आरोग्य की देवी हैं और उनकी पूजा से शरीर के सभी रोग दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है। आरोग्य धन को सबसे बड़ा धन माना जाता है।

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