विधायक-सहयोगी ने किसान से 42 लाख ठगे,जांजगीर में लोन दिलाने का झांसा,ब्लैंक चेक-फर्जी साइन से पैसे निकाले
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद की गई। विधायक 22 जनवरी तक रिमांड पर जेल में रहेंगे।
जांच के दौरान पुलिस ने सबूत जुटाए, जिससे आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना से संबंधित धाराएं सही पाई गई। जांच पूरी होने के बाद, पुलिस ने 9 जनवरी को दो संदूक में कोर्ट में चार्जशीट पेश किया।
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की कोर्ट ने चार्जशीट स्वीकार कर बालेश्वर साहू के खिलाफ जेल वारंट जारी किया। विधायक साहू ने उसी कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन कोर्ट ने उपलब्ध गंभीर तथ्यों और सबूतों को देखते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।
किसान ने विधायक पर धोखाधड़ी का आरोप
दरअसल, यह मामला परसा पाली निवासी 46 वर्षीय किसान राजकुमार शर्मा की शिकायत से जुड़ा है। राजकुमार ने आरोप लगाया था कि उनके साथ कुल 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक विधायक और उनके सहयोगी ने उसे लोन दिलाने का आश्वासन देकर 42 लाख 78 हजार रुपए की रकम ले ली, लेकिन न तो लोन दिलाया और न ही रकम वापस की।
किसान का दावा है कि उसने यह रकम विश्वास में आकर किस्तों में दी थी, लेकिन बाद में जब नहीं लोन मिला और न पैसे वापस हुए, तो उसे धोखाधड़ी का संदेह हुआ। इसके बाद किसान ने 14 अगस्त 2025 को एसपी विजय पांडे से शिकायत की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई जांच में विधायक बालेश्वर साहू और गौतम राठौर का नाम सामने आया। इसके बाद चांपा थाने में पुलिस ने 3 अक्टूबर 2025 को अपराध दर्ज किया।
ये तस्वीर जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू की है। (फाइल फोटो)
ये तस्वीर गौतम राठौर की है। वह विक्रेता के पद पर काम कर रहा था। (फाइल फोटो)
कैसेहुआ धोखाधड़ी का खुलासा ?
किसान का कहना है कि 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे, वहीं गौतम राठौर उस समय विक्रेता के पद पर काम कर रहा था। दोनों ने मिलकर किसान को किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा दिया और इस बहाने उससे 10 ब्लैंक चेक ले लिए। साथ ही एचडीएफसी बैंक में दो नए खाते भी खुलवाए।
इन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर, दोनों ने धीरे-धीरे मिलाकर 42 लाख 78 हजार रुपए किसान के खातों से निकाल लिए। शुरुआत में 15 जनवरी 2015 को पहली बार 51 हजार रुपए की निकासी की गई थी। इसके बाद रकम धीरे-धीरे बढ़ती गई। बालेश्वर साहू ने अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में भी 7.5 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए।
2020 में सामने आई सच्चाई
किसान को इस मामले की जानकारी तब हुई, जब 2020 में एचडीएफसी बैंक चांपा से उसे कॉल आया और पूछा गया कि क्या उसने बालेश्वर साहू को पैसे निकालने की अनुमति दी है। यह सुनकर किसान के होश उड़ गए। वो तुरंत बैंक जाकर डिटेल निकाला और जब सच्चाई सामने आई तो बालेश्वर साहू के पास पहुंचा।
उस समय बालेश्वर साहू ने 6 महीने के भीतर ब्याज समेत पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। इसी दौरान विधानसभा चुनाव हुआ और सहयोगी गौतम राठौर ने रकम को चुनावी खर्च बताया। पैसा वापस मांगने पर दोनों टालमटोल करने लगे।
पुलिस ने की बारीकी से जांच
शिकायत मिलने के बाद चांपा पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की। सबसे पहले शिकायतकर्ता राजकुमार शर्मा, उनकी पत्नी और मां के बयान दर्ज किए गए। तीनों ने बताया कि उन्होंने खुद कभी पैसे नहीं निकाले। इसके बाद पुलिस ने सहकारी बैंक के 5 कर्मचारियों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए।
जांच में यह भी सामने आया कि 24 जनवरी 2020 को की गई एक निकासी पर्ची में बालेश्वर साहू का मोबाइल नंबर दर्ज था, जिससे साफ हो गया कि निकासी उन्हीं के ओर से की गई थी। इस आधार पर पुलिस ने सभी दस्तावेजों और बयानों को सबूत मानते हुए एफआईआर दर्ज की।
बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ अपराध दर्ज
चांपापुलिस ने बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (कागजातों की जालसाजी), 267 (सरकारी दस्तावेज का गलत इस्तेमाल), और 34 (साझा अपराध) के तहत केस दर्ज किया है।
नमो सेवा गाथा पर विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति, लगभग 495 लोग हुए शामिल कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पाली में ‘नमो सेवाकृअनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नमो सेवा गाथा पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति से ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पालक और छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों सहित लगभग 495 लोग उपस्थित रहे।
कोरबा, 7 अक्टूबर 2026। समाज कल्याण विभाग द्वारा आज प्रतीक जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा, ओएसडी तरुण कुमार किरण की उपस्थिति में पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई इस सहायता से उनके आवागमन में सुविधा होगी और वे दैनिक कार्य अधिक सुगमता से कर सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में रेल्वे कॉलोनी, कोरबा निवासी 55 वर्षीय सैय्यद याकूब, पिता सैय्यद अब्दुल कादर, सुभाष ब्लॉक, कोरबा निवासी 44 वर्षीय श्रीमती सुनीता दास, पिता बाबू राज, शांति नगर, कुसमुंडा निवासी 34 वर्षीय श्रीमती सीमा कुमारी, पिता अदरू, तथा गुरसिया, कटघोरा निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार उरांव, पिता हरिराम शामिल हैं। ट्राईसाइकिल मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सुरक्षित छत और रंगीन दीवारों ने बदला माहौल, बरपाली आंगनबाड़ी में बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। कभी जर्जर भवन की दीवारों और असुविधाओं के बीच संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों की खिलखिलाहट और रंग-बिरंगे चित्रों से गुलजार है। जहां पहले पालकों को अपने छोटे बच्चों को केंद्र भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी, वहीं अब ग्राम पंचायत बरपाली का नया आंगनबाड़ी भवन नौनिहालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और सहज वातावरण बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से 11.69 लाख की लागत से निर्मित नए भवन में पक्की छत, मजबूत दीवार, पक्का फर्श, रंगीन चित्र और बच्चों के लिए खिलौनों सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी पहुंच रहे हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरपाली स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 17 तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 13 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही 2 गर्भवती महिलाएं, 3 शिशुवती माताएं और 6 किशोरी बालिकाएं भी केंद्र की सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। नए भवन के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध स्थान और वातावरण में आए बदलाव ने केंद्र की गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला बताती हैं कि पुराने भवन की स्थिति ऐसी थी कि बच्चों को केंद्र में रखते समय उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। भवन जर्जर होने के कारण पालक भी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में सहज महसूस नहीं करते थे। नए भवन के बनने से सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा और उनके सहज वातावरण में आया है। अब पक्की छत, मजबूत दीवार और पक्के फर्श वाले भवन में बच्चे आराम से बैठते हैं, खेलते हैं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। श्रीमती शिवकला के अनुसार नए भवन की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे चित्र बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। बच्चे चित्रों को देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं और आसपास की वस्तुओं को पहचानने का प्रयास करते हैं। खिलौनों और आकर्षक वातावरण के कारण उनमें केंद्र आने की रुचि भी बढ़ी है। पहले की तुलना में अब बच्चे अधिक संख्या में आंगनबाड़ी पहुंचते हैं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित उपस्थिति दिखाई देती है। बच्चों के लिए केंद्र अब केवल आने-जाने की जगह नहीं रहा, यहां वे खेलते हुए सीखते हैं और सहज माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती चमेली बाई बताती हैं कि नए भवन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें भोजन कराने में भी काफी सुविधा हुई है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सुबह बच्चों को मीठा या नमकीन दलिया दिया जाता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुरक्षित और सुविधाजनक भवन में बच्चों को भोजन कराने तथा उनकी देखभाल करने में आसानी होती है। बच्चों का नियमित रूप से केंद्र आना उनके लिए भी उत्साह का विषय है।
कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला कहती हैं कि पहले भवन की स्थिति के कारण बच्चों और पालकों में जो संकोच था, वह अब दूर हुआ है। नए भवन ने बच्चों को सुरक्षित जगह दी है और आकर्षक वातावरण ने उनके मन में आंगनबाड़ी के प्रति अपनापन बढ़ाया है। बच्चे सुबह केंद्र आने के लिए उत्साहित रहते हैं और यहां होने वाली गतिविधियों में रुचि के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कार्य में भी संतोष और उत्साह मिलता है। नौनिहालों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।