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छत्तीसगढ़

सारंगढ़ : ​सुशासन का पहिया: सरस्वती सायकल योजना से संवर रहा छत्तीसगढ़ की बेटियों का भविष्य

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​छत्तीसगढ़ की बेटियों की राह अब न तो लंबी होगी और न ही थकाऊ

सारंगढ़l सरस्वती साइकिल योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना और उन्हें स्कूल तक आवागमन की सुविधा प्रदान करना है। इसके तहत शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और गरीबी रेखा (BPL) से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल दी जाती है l

       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन सरकार ने एक ऐसी पहल की है, जिससे बेटियों के हौसलों को नए पंख मिल गए हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने के मात्र एक महीने के भीतर, जुलाई माह में ही, पात्र छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत निशुल्क सायकल का वितरण किया जा रहा है। यह त्वरित फैसला पालकों, शिक्षिकाओं और स्वयं छात्राओं के लिए एक बड़ी सौगात साबित हो रहा है।

​पैदल सफर से मिली मुक्ति, अब सायकल से नापेंगी दूरी

   सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ​शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सारंगढ़ की कक्षा 9वीं की छात्रा छोटी यादव की कहानी जिले की सैकड़ों बेटियों का प्रतिनिधित्व करती है। छोटी को अपने गांव झरपडीह से 3 किलोमीटर दूर स्कूल आने के लिए हर रोज पैदल सफर तय करना पड़ता था। तपती धूप और बारिश में पैदल चलना थका देने वाला होता था, लेकिन अब उसकी यह परेशानी दूर हो चुकी है। निशुल्क सायकल पाकर छोटी के चेहरे पर आई मुस्कान उसकी खुशी और राहत को साफ बयां करती है।

       ​छोटी की तरह ही ग्राम बासीनबहरा की छात्रा आकांक्षा रात्रे और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली दीक्षा सिदार जैसी अनेक बालिकाओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। अब इन्हें 2 से 5 किलोमीटर का सफर पैदल तय नहीं करना पड़ेगा। छात्राओं  का कहना है कि सायकल मिलने से समय भी बचेगा और मैं बिना थके अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। सरकार की इस मदद के लिए हम सभी छात्रा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देती हूँ।

​पालकों को मिली बड़ी आर्थिक राहत

      ​जुलाई का महीना किसानों के लिए खेती-किसानी और धान बोआई का समय होता है। ऐसे वक्त में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई और सायकल खरीदने का अतिरिक्त खर्च उठाना एक बड़ी चिंता होती थी। सरकार द्वारा सत्र के शुरुआत में ही सायकल उपलब्ध करा देने से पालकों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। अब उन्हें बेटी की पढ़ाई या आवागमन के साधनों के लिए कर्ज लेने या अनावश्यक खर्च करने की चिंता से मुक्ति मिल गई है।

​सुव्यवस्थित वितरण और योजना का उद्देश्य

     ​जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ ब्लॉक में सायकल के पार्ट्स को असेंबल (फिटिंग) कर स्कूलों के माध्यम से सीधे छात्राओं तक पहुँचाया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सारंगढ़ में 150 पात्र बालिकाओं को सायकल का वितरण किया जा चुका है।

​एक नज़र में योजना का लक्ष्य

       शासकीय एवं अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 9 वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और गरीबी रेखा के नीचे (BPL) परिवार की छात्राएं को सायकल वितरण किया जाना है। इसका मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शाला तक आवागमन की सुगम सुविधा प्रदान करना है। इससे स्कूल ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी और बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

    ​मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस संवेदनशील पहल से न सिर्फ बेटियां समय पर स्कूल पहुँच रही हैं, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। ‘सरस्वती सायकल योजना’ छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और सुशासन की एक जीवंत मिसाल बनकर उभर रही है।

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छत्तीसगढ़

दोहे – नंदिता की कलम से..

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नदिता माजी शर्मा
मुंबई, महाराष्ट्र

औरों की सुनकर कभी, लोगों को मत तोल।
हर पहलू को जाँच ले, तब जाकर कुछ बोल।।१।।

सच्ची मैत्री बोलती, सुख-दुख मिलकर बांट।
सही कर्म पर साथ दे, गलत कर्म पर डांट।।२।।

देखे हैं संसार ने, कितने नाना रोग।
सबसे दुष्कर आज भी, क्या बोलेंगे लोग।।३।।

क्षणभंगुर हैं आप, मैं, क्षणभंगुर सब लोग।
क्षणभंगुर हर कामना, क्षणभंगुर सब भोग।‌।४।।

खोजो अपने आप में, जीवन का अभिप्रेत।
दिन-प्रतिदिन जीवन सदा, फिसले बनकर रेत।।५।।

अहंकार से है भरा, जिनके मन का कोष।
औरों पर वे थोपते, निज करनी के दोष।।६।।

मन में हो सद्भावना, बसे मनन में बुद्ध।
प्रथम चयन बस शांति हो, अंतिम विकल्प युद्ध।।७।।

गगरी भरती पाप की, संचित हों जब पाप।
चरम बिन्दु को जब छुए, फूटे अपने आप।।८।।

घातक दुनिया रील की, बाँध रही निज खूँट।
सही रहे तो है सुधा, गलत विषैले घूँट।।९।।

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कोरबा

साइबर जागृति अभियान जिले में लगातार जारी : द्वितीय सप्ताह में विभिन्न वित्तीय संस्थाओं में हो रहे है जागृति कार्यक्रम

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कलेक्टोरेट सभागार में विभिन्न बैंकों की जिलास्तरीय बैठक संपन्न

विभिन्न साइबर फ्रॉड, UPI फ्रॉड, बैंक फ्रॉड सहित विभिन्न विषयों पर दी जा रही है महत्वपूर्ण जानकारी

कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 25.08.2026 को थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो , रजगामार, चैतमा द्वारा विभिन्न बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक तथा सार्वजनिक क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दीपका के यूको बैंक, कटघोरा के SBI बैंक , बांगो के लमना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महिला थाना के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक दर्री एवं शासकीय विद्यालय गोपालपुर, हरदीबाजार के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, बालको के ग्रामीण बैंक तथा ICICI बैंक, उरगा के SBI बैंक तथा ग्रामीण बैंक , टी पी नगर के PNB बैंक, कोतवाली के SBI पुराना बस स्टैंड, करतला के SBI बैंक, पसान के SBI कियोस्क सेंटर में पुलिस टीम द्वारा नागरिकों को UPI फ्रॉड, साइबर अपराध के संबंध में जानकारी दी गई।

सभी को OTP, UPI PIN, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक, फर्जी कॉल, संदिग्ध APK फाइल एवं फर्जी वेबसाइट से सावधान रहने की समझाइश दी गई।

कोरबा पुलिस की अपील

कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। समय पर की गई शिकायत साइबर ठगी की राशि को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं, जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

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छत्तीसगढ़

एयरपोर्ट टेकओवर में AAI की सुस्ती…हाईकोर्ट नाराज:एयरपोर्ट अथॉरिटी से पूछा- सरकारी पत्रों पर क्या कार्रवाई हुई, 20 अक्टूबर तक काम पूरा करने के निर्देश

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर के चकरभाठा स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के टेकओवर में हो रही देरी पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) पर सख्त नाराजगी जताई है।

एयरपोर्ट के संचालन और विकास को लेकर राज्य सरकार ने AAI को पत्र भेजे थे। इस पर कोर्ट ने AAI से पूछा है कि इन पत्रों के बाद अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने इसकी जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने AAI को अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।

बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानें घटाने का आरोप

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को अपग्रेड करने और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर वर्ष 2017 में जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। तब से इस मामले की हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है।

सोमवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद भी अलग-अलग शहरों के लिए उड़ानों की संख्या और फेरे बिना किसी स्पष्ट कारण के काफी कम कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि उड़ानों में कमी होने से बिलासपुर और आसपास के यात्रियों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। इससे आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

टेकओवर करने पर एएआई की सुस्ती पर जताई नाराजगी

राज्य सरकार ने बिलासपुर एयरपोर्ट के पूरे संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को टेकओवर करने का अनुरोध किया था। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और एविएशन विभाग ने 12 दिसंबर 2025, 11 फरवरी 2026 और 14 जुलाई 2026 को AAI को पत्र भेजे थे।

AAI ने 21 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया कि ड्राफ्ट एमओयू 10 अगस्त 2026 को प्लानिंग डायरेक्टरेट को भेज दिया गया है। फिलहाल यह मामला AAI के मुख्यालय में विचाराधीन है।

कई महीने बीतने के बाद भी काम में कोई ठोस प्रगति नहीं होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है।

यात्री सुविधा भवन का निर्माण 60% पूरा, 20 अक्टूबर डेडलाइन

राज्य सरकार के विमानन संचालनालय ने बताया कि एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर बनाए जा रहे पब्लिक यूटिलिटी भवन का काम तेजी से चल रहा है। भवन का करीब 60 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें ढांचा, दीवारें और प्लास्टर का काम पूरा हो गया है, जबकि छत का काम अभी चल रहा है।

विभाग ने बताया कि हाईकोर्ट की तय की गई समय-सीमा के अनुसार भवन का पूरा काम 20 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

एप्रन का सिविल वर्क पूरा, इलेक्ट्रिकल कार्य 90 फीसदी हो चुका

इसके अलावा बताया गया कि एयरपोर्ट के एप्रन का सिविल काम पूरा हो चुका है, जबकि करीब 90 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल काम भी पूरा हो गया है। एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल और पेरीमीटर रोड के डामरीकरण के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं।

एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी और सहायक कार्यकारी ने अपना काम संभाल लिया है। वहीं चीफ एयरोड्रम सिक्योरिटी ऑफिसर की निगरानी में करीब 85 पुलिसकर्मी एयरपोर्ट के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं।

फिलहाल एलायंस एयर की ओर से बिलासपुर से दिल्ली, कोलकाता, प्रयागराज और अंबिकापुर के लिए नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

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