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कुसमुंडा

ब्रेकिंग न्यूज़:पत्रकारों पर झूठा आरोप लगाने वाले भाजपा पार्षद दिलीप दास के खिलाफ पत्रकारों ने थाने में की शिकायत, कानूनी कार्रवाई की मांग

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकीमोंगरा :– नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के भाजपा पार्षद व पीआईसी सदस्य दिलीप दास द्वारा पत्रकारों पर झूठा आरोप लगाने और मानसिक प्रताड़ना देने के खिलाफ पत्रकारों ने कुसमुंडा थाना पहुंचकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर लिखित शिकायत दी।

शिकायतकर्ताओं में प्रमुख रूप से विकास सोनी (एनए छत्तीसगढ़ न्यूज़ रिपोर्टर व छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ बांकीमोंगरा इकाई उपाध्यक्ष), ओम प्रकाश पटेल (सीजी ई-खबर पोर्टल प्रमुख संपादक व सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ जिला सचिव), अमर भारद्वाज (डीएम इंडिया न्यूज़ कोरबा जिला ब्यूरो प्रमुख) सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे। सभी पत्रकारगण एकजुट होकर कुसमुंडा थाना पहुंचे और पार्षद दिलीप दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

4 जुलाई 2025 को भाजपा पार्षद दिलीप दास ने कुसमुंडा थाना में एक लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि कुछ पत्रकार उनके खिलाफ झूठी खबरें चला कर पैसे वसूलने का प्रयास कर रहे हैं । उनका आरोप था कि इन पत्रकारों ने गलत मंशा से उनके खिलाफ खबरें प्रसारित कीं, लेकिन पत्रकारों का दावा है कि उन्होंने 2 जुलाई 2025 को वार्ड क्रमांक 25, गेवरा बस्ती में हो रहे घटिया सीसी रोड निर्माण को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की थी ‌। रिपोर्ट में सड़क निर्माण में घटिया सामग्री, मानकों की अनदेखी, सड़क की मोटाई में भारी अंतर और वाइब्रेटर मशीन के इस्तेमाल न किए जाने जैसे गंभीर मुद्दे उजागर किए थे। स्थानीय नागरिकों और मजदूरों के बयानों के अनुसार वीडियो फुटेज, फोटो और अन्य सबूत भी एकत्रित करते हुए समाचार में प्रकाशित किए गए थे, रिपोर्ट में ठेकेदार के तौर पर दिलीप दास का नाम सामने आया था, जो वार्ड क्रमांक 23 के पार्षद भी हैं और नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में पीआईसी सदस्य भी। इस पर दिलीप दास ने उल्टा पत्रकारों पर ही झूठा आरोप लगा दिया।

पत्रकारों का कथन: पत्रकारों का साफ कहना है कि उन्होंने जनता के हक में सच्चाई उजागर की है, इसके जवाब में उन पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने और मानसिक प्रताड़ना देने का प्रयास किया जा रहा है ।उन्होंने थाना में दिए आवेदन में मांग की है कि दिलीप दास के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि सच दिखाने वाले पत्रकारों को दबाने की कोशिश न कर सके।

पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ व छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के सदस्यों ने व संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि है कि अगर प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं करता, तो पत्रकार संगठन आंदोलन की राह अपनाएगा।

इस मामले ने बांकीमोंगरा की राजनीति और पत्रकारिता जगत में हलचल मचा दी है । अब देखना है कि पुलिस व प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्यवाही करती है।

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कुसमुंडा

SECL कुसमुंडा खदान में डंपर पलटा, कर्मचारी की मौत:आक्रोशित कर्मचारियों ने हड़ताल की, मैनेजर हटाने और परिजन को अनुकंपा नियुक्ति की मांग

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कोरबा/कुसमुंडा । कोरबा जिले की SECL की कुसमुंडा खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मिट्टी अनलोड करते समय 60 टन क्षमता का डंपर अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट गहरी खाई में गिर गया।

हादसे में डंपर चालक और विभागीय कर्मचारी सत्यनारायण (38) की मौत हो गई। घटना के बाद खदानकर्मियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है।

मिट्टी अनलोड करते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, सत्यनारायण शनिवार रात करीब 1 बजे कुसमुंडा खदान के खोदरी फेस में डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन की एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कर्मचारी की मौत हो चुकी थी। मृतक कुसमुंडा स्थित पंप हाउस कॉलोनी के SECL क्वार्टर जी-25 में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और चार छोटे बच्चे हैं।

कर्मचारियों ने काम बंद कर शुरू की हड़ताल

घटना से नाराज कर्मचारियों ने रविवार सुबह खोदरी फेस में काम बंद कर दिया और हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों का आरोप है कि खदान प्रबंधन और मैनेजर कैलाशचंद बल लगातार काम का दबाव बनाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और समस्याओं पर ध्यान नहीं देते।

उनका कहना है कि खदान में सुरक्षा उपकरण और इंतजाम नाकाफी हैं, और मैनेजर का व्यवहार भी कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं है। सुरक्षा इंतजामों और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी की जाती है।

मैनेजर को हटाने और अनुकंपा नियुक्ति की मांग

हड़ताली कर्मचारियों ने खदान प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मैनेजर कैलाशचंद बल को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही मृतक कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को सात दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति और उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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कुसमुंडा

अधिकारों की लड़ाई होगी तेज, RCWF के आह्वान पर 12 जून को कुसमुंडा में जुटेगा ठेका मजदूर और भूविस्थापितों का महासैलाब

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महासभा को सफल बनाने के लिए आयोजकों ने बैठक कर तैयार की रणनीति, सौंपी गई जिम्मेदारियां

कोरबा/कुसमुंडा। कोयला खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों में ठेका मजदूरों व भूविस्थापितों के अधिकारों के दमन सुरक्षा में अनदेखी और उनके वाजिब हक को दबाने की कोशिशों के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का शंखनाद होने जा रहा है। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के आह्वान पर आगामी 12 जून 2026 दिन शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे से कुसमुंडा के महतारी अंगना मैदान पर एक विशाल ठेका मजदूर और भूविस्थापित महासभा का आयोजन किया जा रहा है ।

इस महासभा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए आयोजकों द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें क्षेत्र के सभी जिम्मेदार साथियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ।

शोषण के खिलाफ एक मंच पर आएंगे श्रमिक और भूविस्थापित

बैठक के दौरान आयोजकों ने तीखे शब्दों में कहा कि कोयला खदानों सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े ठेका मजदूरों और भूविस्थापितों का प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा लगातार शोषण किया जा रहा है, उनके अधिकारों सुरक्षा व्यवस्था और वाजिब हक को बेरहमी से कुचला जा रहा है। इस महासभा का मुख्य उद्देश्य सभी ठेका मजदूरों और भूविस्थापितों को एक मजबूत मंच पर लाना है, ताकि प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ उनके हक व अधिकार की लड़ाई को और तेज व निर्णायक बनाया जा सके ।

तैयारियों को लेकर सौंपी गई जिम्मेदारियां, बैठक में रहे मौजूद

महासभा की सफलता के लिए रणनीति बनाने हेतु आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के प्रबुद्ध और जिम्मेदार नागरिकों व श्रमिक नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रमुख रूप से कैलाश साहू, विनोद सारथी, अशोक पटेल, विष्णु प्रसाद, गोविंदा सारथी, राजेन्द्र पटेल, संतोष चौहान, ललित महिलांगे, कान्हा, प्रकाश जायसवाल, राजू पटेल, नरेश महंत, हेमंत नामदेव, प्रमोद चंद्रा, उदय पटेल, सुरेश पटेल, रामकुमार चन्द्रा, रामकुमार, आनंद यादव, गणेश दास, विजय महंत, अनिल कंवर, देवनाथ नामदेव, बोधन चौहान, अशोक देवांगन, जितेन्द्र साहू, कान्हा, अहीर, तेरस लाल, लखन लाल सहित बड़ी संख्या में अन्य साथी उपस्थित थे ।

आयोजकों की अपील

आयोजक समिति ने कुसमुंडा और आसपास के सभी ठेका श्रमिकों भूविस्थापितों और प्रभावित नागरिकों से अपील की है कि वे 12 जून को दोपहर 3:00 बजे अधिक से अधिक संख्या में कुसमुंडा महतारी अंगना पहुंचकर अपनी एकजुटता का परिचय दें और अपने अधिकारों की इस आवाज को बुलंद करें ।

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कुसमुंडा

विशाल मजदूर एवं भू-विस्थापित महासभा 12 जून को कुसमुंडा में, समान काम-समान वेतन की उठेगी बुलंद आवाज

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RCWF के प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे के नेतृत्व में कोयला खदानों के 12 जोनों से जुटेंगे हजारों ठेका श्रमिक और भू-विस्थापित

अशोक पटेल, संतोष चौहान, विनोद सारथी और गोविंदा सारथी ने गांवों में पहुंचकर भरी हुंकार, एकजुटता की अपील

कोरबा/कुसमुंडा। कोयलांचल क्षेत्र के ठेका श्रमिकों और भू-विस्थापितों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 12 जून 2026 (शुक्रवार) को कुसमुंडा के महतरी अंगना में एक विशाल महासभा का आयोजन होने जा रहा है। इस महासभा का मुख्य एजेंडा समान काम समान वेतन और स्थानीय भू-विस्थापितों को उनका वाजिब हक दिलाना है ।

इस महा-आयोजन को सफल बनाने के लिए अशोक पटेल, संतोष चौहान, विनोद सारथी और गोविंदा सारथी लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। इन नेताओं ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और आउटसोर्सिंग कंपनियों में ठेका श्रमिकों व भू-विस्थापितों के बीच पहुंचकर सघन जनसंपर्क किया और चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया ।

शोषक ताकतों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान

इस विशाल महासभा का नेतृत्व राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर भागवत प्रसाद दुबे कर रहे हैं। महासभा की तैयारियों को लेकर प्रोफेसर दुबे ने सभी ठेका श्रमिकों और भू-विस्थापितों से एकजुट होने की भावुक और पुरजोर अपील की है ।

दुबे ने कहा मजदूरों और भू-विस्थापितों के साथ लंबे समय से हो रहे शोषण के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का वक्त आ गया है। हमें आज संघर्ष की राह चुननी होगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्जवल, सुरक्षित और बेहतर बन सके। यह महासभा केवल एक बैठक नहीं बल्कि हमारे हक की क्रांति की शुरुआत है ।

12 जोनों से उमड़ेगा जनसैलाब

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इस महासभा में पूरे कोयला खदान क्षेत्र के सभी 12 जोनों के ठेका मजदूर और भू-विस्थापित हजारों की संख्या में शामिल होने जा रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मजदूर और विस्थापित अपनी सामूहिक ताकत और एकजुटता का पुरजोर इजहार करेंगे, जिससे प्रबंधन और शोषक ताकतों को उनकी मांगें मानने पर मजबूर होना पड़े ।

प्रमुख मांगें जिन पर होगी चर्चा

समान काम के लिए समान वेतन का नियम सख्ती से लागू हो भू-विस्थापितों को रोजगार उचित मुआवजा और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं मिलें ठेका श्रमिकों का आर्थिक व मानसिक शोषण तुरंत बंद हो ।

आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त प्रबुद्ध नागरिकों श्रमिक भाइयों और विस्थापित परिवारों से अपील की है कि वे 12 जून को शनिवार के दिन ठीक 3:00 बजे समय पर कुसमुंडा महतरी अंगना पहुंचकर इस महासभा को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं ।

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